➤ अगले दो दिन कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट
➤ नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह
➤ मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में सामान्य से 6% कम बारिश दर्ज
हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों के लिए अगले 48 घंटे भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 3 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इस दौरान कई क्षेत्रों में भूस्खलन, अचानक बाढ़, नालों का जलस्तर बढ़ने और सड़कें बाधित होने का खतरा बना रहेगा।
मौसम विभाग ने लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान नदी-नालों, खड्डों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें। प्रशासन ने भी लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है।
आज किन जिलों में अलर्ट
बुधवार को सिरमौर जिले के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं चंबा, कुल्लू, सोलन और सिरमौर के कुछ हिस्सों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों में मध्यम से तेज बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।
30 जुलाई को इन जिलों में रहेगा ऑरेंज अलर्ट
30 जुलाई को चंबा, सिरमौर, बिलासपुर और कांगड़ा जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट रहेगा। वहीं ऊना, हमीरपुर, कुल्लू, मंडी, सोलन और शिमला में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
3 अगस्त तक राहत के आसार नहीं
मौसम विभाग के अनुसार 31 जुलाई से 3 अगस्त तक भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना है। 31 जुलाई को छह जिलों में येलो अलर्ट रहेगा, जबकि 1 अगस्त को चंबा, कांगड़ा, मंडी और शिमला में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है।
मानसून सीजन में 6 फीसदी कम बारिश
बारिश का दौर जारी रहने के बावजूद इस मानसून सीजन में प्रदेश में अब तक सामान्य से 6 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। 1 जून से 28 जुलाई के बीच प्रदेश में सामान्य वर्षा 330.9 मिमी होनी चाहिए थी, जबकि इस बार 310.3 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है।
जिलावार आंकड़ों के अनुसार किन्नौर में सामान्य से 30 प्रतिशत, शिमला में 26 प्रतिशत, चंबा में 16 प्रतिशत, कुल्लू में 21 प्रतिशत, सोलन में 6 प्रतिशत, ऊना में 11 प्रतिशत और बिलासपुर में 1 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।
वहीं हमीरपुर में सामान्य से 38 प्रतिशत, लाहौल-स्पीति में 45 प्रतिशत, मंडी में 24 प्रतिशत, कांगड़ा में 21 प्रतिशत और सिरमौर में 2 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़कें बंद होने, पेड़ गिरने और जलभराव की घटनाएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।



